किस कर्म के कारण घर में गरीबी आती है II गरुड़ पुराण

Author: Gayatri Lohit | Published On: April 2, 2025

दोस्तों आज के आधुनिक युग में प्रत्येक मनुष्य चाहता है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में धन हो ताकि वह एक अच्छा जीवन बिता सके और अपने परिवार को दुनिया की सभी सुख सुविधाएं दे सके। प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसके ऊपर माता लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहे लेकिन अक्सर देखा गया है कि मनुष्य के लाख कोशिश करने के बावजूद भी उसकी गरीबी दूर नहीं होती। आखिर इसका क्या कारण है?

दोस्तों आपके इस प्रश्न का उत्तर गरुड़ पुराण में विस्तार पूर्वक दिया गया है। गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराण में से एक पुराण है। गरुड़ पुराण का नाम गरुड़ पक्षी के नाम पर रखा गया है। गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु और पक्षी राज गरुर के बीच बातचीत का वर्णन किया गया है।

इसी पुराण में भगवान विष्णु पक्षीराज गरुड़ से कहते हैं, “सुनो गरुड़, आज मैं तुम्हें बताता हूं कि वे कौन से कर्म है जिनके कारण मनुष्य के जीवन में निर्धनता आती है।”

नंबर एक: धन का घमंड। हे पक्षीराज, जिस मनुष्य को धनी होने का घमंड हो जाए तथा जो अपने धन को धर्म के कार्यों में ना लगाकर बुरे व्यसनों में लगाता है, माता लक्ष्मी उसके घर से लूटकर चली जाती है।

नंबर दो: यदि कोई मनुष्य गंदे और मैले वस्त्र धारण करता है तो माता लक्ष्मी उससे क्रोधित हो जाती है और उसकी छत पर आकर भी वापस मुड़ जाती है। इसलिए मनुष्य को प्रतिदिन स्नान करके स्वच्छ वस्त्र ही धारण करने चाहिए।

नंबर तीन: रसोई घर में झूठे बर्तन। जिस घर की स्त्रियां रात्रि में झूठे बर्तन रसोई घर में रखकर सो जाती है, तो उस घर में गरीबी का वास हो जाता है। इसलिए स्त्रियों को रात को रसोई घर साफ करके ही सोना चाहिए और कभी भी रोटी बनाने के बाद तवा उल्टा नहीं रखना चाहिए।

: नंबर चार: कांटेदार पौधे। जिस घर में कांटेदार पौधे लगे होते हैं वहां भी गरीबी का वास होता है। इसलिए कांटेदार पौधे जैसे कि गुलाब, कैक्टस आदि पौधों को घर के बाहर ही लगाना चाहिए।

नंबर पांच: जो मनुष्य स्वभाव से आलोचक हो, अर्थात वह हमेशा दूसरे व्यक्ति में कमियां निकालता हो और दूसरों की बुराइयां करता हो, तो माता लक्ष्मी उससे नाराज हो जाती है। दूसरों पर बेवजह चीखने-चिल्लाने या गुस्सा होने का स्वभाव हो तो भी माता लक्ष्मी उससे क्रोधित हो जाती है और वहां से चली जाती है।

नंबर छह: भगवान विष्णु कहते हैं, यदि कोई मनुष्य सूर्य उदय के बाद भी काफी देर तक सोता रहता है तो ऐसा व्यक्ति आलसी-पर्वती का माना जाता है। ऐसे मनुष्य के जीवन में तमाम कोशिशों के बाद भी धन की कमी बनी रहती है।

नंबर सात: धन प्राप्त करने के लिए कुछ लोग सही-गलत का चुनाव नहीं कर पाते। वही कुछ लोग दूसरों के धन को हड़पने की कोशिश करते हैं। दूसरों के धन को हड़पना महापाप माना गया है। इसलिए मनुष्य को अपनी मेहनत से ही धन कमाना चाहिए। जो लोग दूसरों के धन को देखकर लालच करते हैं, वे कभी भी प्रसन्न नहीं रहते तथा उनके घर में माता लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती।

नंबर आठ: यदि कोई व्यक्ति अधिक खाता है, क्रोध करता है, धर्म, गरीब, जरूरतमंद और स्त्रियों का अनादर करता है, ऐसे मनुष्य के पास धन कभी नहीं टिकता। जो मनुष्य मेहनत से जी चुराता है, अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं करता, माता लक्ष्मी उससे नाराज हो जाती है, जिस कारण उस व्यक्ति के घर में निर्धनता का वास होता है।

नंबर नौ: भगवान विष्णु कहते हैं हे पक्षीराज, जिस घर में हर समय तनाव का माहौल बना रहता है तथा गृह-कलेश, लड़ाई-झगड़ा, कलह इत्यादि बना रहता है, उस घर में नकारात्मक ऊर्जा अपना घर बना लेती है और माता लक्ष्मी उस घर से उल्टे पांव ही वापस लौट जाती है। इसलिए घर में लड़ाई-झगड़े नहीं करने चाहिए।

नंबर दस (दिखाई गया है नंबर 16): दीपदान। जिस घर में संध्या के समय अंधेरा रहता है, जहां दीपक नहीं जलाया जाता, उस घर में भी निर्धनता का वास होता है। इसलिए संध्या के समय कुछ देर के लिए पूरे घर में प्रकाश अवश्य ही करना चाहिए तथा ईश्वर के समक्ष दीपक जलाकर उनका भजन करना चाहिए।

नंबर ग्यारह: जिस घर में सफाई नहीं होती, घर की वस्तुएं इधर-उधर बिखरी रहती हैं, जो घर हमेशा गंदा पड़ा रहता है, माता लक्ष्मी उस घर में कभी प्रवेश नहीं करती। इसलिए अपना घर हमेशा साफ-सुथरा तथा व्यवस्थित रखना चाहिए क्योंकि माता लक्ष्मी उसी घर में आती है जो घर साफ-सुथरा तथा व्यवस्थित रहता है।

नंबर बारह: जिस घर में पूजा स्थल अर्थात मंदिर गंदा रहता है, उस घर में भी गरीबी का वास होता है। इसलिए पूजा स्थल अर्थात मंदिर को सदा साफ रखना चाहिए।

नंबर तेरह : जिस घर में कभी कोई पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन, दान-पुण्य तथा कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं होते, उस घर में भी माता लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती। इसलिए घर में प्रतिदिन ईश्वर की पूजा, दीप-दान इत्यादि अवश्य ही करना चाहिए।

नंबर चौदह : सूर्य अस्त के समय भोजन नहीं करना चाहिए। इसलिए भोजन या तो शाम 5:30 से पहले करें या फिर 7:00 बजे के बाद करना चाहिए।

भगवान विष्णु कहते हैं, “हे पक्षीराज, इन्हीं कारणों के कारण मनुष्य के घर में निर्धनता का वास होता है।” ऐसा कहकर भगवान विष्णु मौन हो गए।

मित्रों, तो यह थे गरुड़ पुराण के अनुसार घर में गरीबी आने के कुछ कारण। गरुड़ पुराण के अनुसार जो मनुष्य ऊपर बताई गई आदतों को अपनाते हैं, तो उनसे माता लक्ष्मी सदा नाराज रहती है। ऐसे लोगों को माता लक्ष्मी का आशीर्वाद कभी प्राप्त नहीं होता। इसलिए यदि आप माता लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, धनवान बनना चाहते हैं, तो ऊपर बताई गई इन बुरी आदतों को आज से ही त्याग दें।

धन्यवाद। यह Post आपको कैसी लगी, मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर लिखें और यदि आप किसी टॉपिक पर Post देखना चाहते हैं तो वह भी मुझे लिखकर अवश्य भेजें। मैं उस टॉपिक पर Post बनाने की पूरी कोशिश करूंगी। धन्यवाद! जय माता दी!

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Author: Gayatri Lohit
A simple girl from Ilkal, where threads weave tales of timeless beauty (Ilkal Sarees). I embark on journeys both inward and across distant horizons. My spirit finds solace in the embrace of nature's symphony, while the essence of spirituality guides my path.

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